Bihar 1 Crore Naukri NDA Job Promise: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान एनडीए ने जिस वादे पर सबसे ज़्यादा ध्यान खींचा, वह है—राज्य में “1 करोड़ से अधिक नौकरी और रोजगार के अवसर देने” का वादा। यह दावा सिर्फ़ चुनावी सभा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे आधिकारिक संकल्प पत्र में शामिल किया गया है। इस वादे का प्रभाव इतना बड़ा है कि लाखों युवाओं के बीच उम्मीद और सवाल दोनों पैदा हुए हैं—क्या वाकई बिहार में इतने बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन संभव है? सरकार इसे कैसे लागू करेगी? ये सब बातें बिहार के राजनीतिक और आर्थिक भविष्य को सीधे प्रभावित करती हैं।

इसी वादे को और मजबूत बनाते हुए, रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि अगले पाँच वर्षों में 1 करोड़ रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इतना ही नहीं, स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दोहराया कि आने वाले पाँच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने की योजनाएँ तैयार की जा रही हैं। इस तरह यह साफ हो गया कि यह केवल चुनावी नारा नहीं, बल्कि एक बड़े स्तर पर घोषित लक्ष्य है, जिसके लिए राज्य सरकार को व्यापक नीति, निवेश, उद्योग और ढांचा तैयार करना होगा।
क्या कहा गया एनडीए के घोषणा-पत्र में?
एनडीए के संकल्प पत्र में साफ लिखा गया है कि बिहार में “1 करोड़ से अधिक सरकारी नौकरी और अन्य रोजगार के अवसर” पैदा किए जाएंगे। इस वादे के साथ सरकार ने यह भी कहा कि रोजगार को बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए कौशल विकास और उद्योग क्षेत्र को नई दिशा दी जाएगी।
इसके साथ-साथ घोषणा पत्र में कई सहायक वादे भी जुड़े हैं, जैसे-
- हर जिले में मेगा स्किल सेंटर की शुरुआत
- 10 नए औद्योगिक पार्क
- MSME और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा
- उद्यमिता को प्रोत्साहन
ये कदम सीधे तौर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद करेंगे।
मीडिया रिपोर्टों में क्या कहा गया?
“लाइव हिन्दुस्तान” की रिपोर्ट में बताया गया कि चुनाव परिणामों के बाद नई सरकार गठन के बीच यह वादा सबसे बड़ी चुनौती और सबसे बड़ी उम्मीद दोनों है। बिहार में रोजगार की समस्या लंबे समय से रहे है, ऐसे में 1 करोड़ नौकरी का लक्ष्य लोगों के बीच उत्सुकता बढ़ाता है।
“Aaj Tak” की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि मेगा स्किल सेंटर, औद्योगिक पार्क और MSME विस्तार जैसे वादों के माध्यम से रोजगार के आंकड़े हासिल करने की योजना बनाई गई है। इसका मतलब यह है कि रोजगार सिर्फ सरकारी नौकरियों के रूप में नहीं आएगा, बल्कि प्राइवेट सेक्टर और उद्यमशीलता को बढ़ाकर भी अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
विश्लेषण: क्या सच में 1 करोड़ नौकरी संभव है?
यह वादा बहुत बड़ा और महत्वाकांक्षी है। किसी भी राज्य के लिए 1 करोड़ रोजगार उपलब्ध कराना आसान नहीं होता, खासकर तब जब राज्य का औद्योगिक ढांचा अभी भी विकास की अवस्था में हो। लेकिन अगर मेगा स्किल सेंटर, औद्योगिक पार्क, MSME, और बड़े निवेश जैसे कदम सही तरीके से लागू किए जाएँ, तो रोजगार के अवसर निश्चित रूप से बढ़ सकते हैं।
हालाँकि, अभी तक विस्तार से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि 1 करोड़ रोजगार किन-किन सेक्टरों में, किस समय सीमा में, और किस मॉडल के तहत पूर्ण किए जाएंगे। यही वजह है कि विशेषज्ञ और युवा दोनों इस वादे को उम्मीद और संदेह के संतुलन के रूप में देख रहे हैं।
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