हाल के दिनों में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। कई लोगों ने इसे बेरोजगार युवाओं का अपमान बताया, जबकि कुछ लोगों का कहना था कि बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया। इसी बीच एक सवाल इंटरनेट पर खूब खोजा जाने लगा — “Do you identify yourself as a cockroach as defined by the hon’ble CJI?” यानी “क्या आप खुद को CJI द्वारा बताए गए ‘कॉकरोच’ की श्रेणी में मानते हैं?”
Table of Contents

पूरा मामला क्या है?
एक सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कथित तौर पर कहा था कि कुछ ऐसे लोग, जिन्हें रोजगार नहीं मिलता या पेशे में जगह नहीं मिलती, वे बाद में मीडिया, सोशल मीडिया, RTI एक्टिविस्ट या दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाकर हर किसी पर हमला करने लगते हैं। इसी दौरान “cockroach” शब्द का इस्तेमाल हुआ।
रिपोर्टों में यह कथन इस तरह सामने आया:
“There are youngsters, like cockroaches, who don’t get any employment or have any place in profession…”
इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे युवाओं और बेरोजगारों के खिलाफ टिप्पणी माना।
“कॉकरोच” शब्द का मतलब क्या था?
यहाँ “कॉकरोच” शब्द का इस्तेमाल किसी कीड़े-मकोड़े के लिए सीधे तौर पर नहीं किया गया था। आलोचकों का मानना था कि यह शब्द अपमानजनक तरीके से इस्तेमाल हुआ। वहीं बाद में CJI की तरफ से कहा गया कि उनका इशारा उन लोगों की ओर था जो फर्जी डिग्री, गलत तरीकों या अवैध माध्यमों से पेशे में घुसते हैं और फिर व्यवस्था पर हमला करते हैं।
यानी बाद की clarification के अनुसार यह टिप्पणी पूरे भारतीय युवाओं के लिए नहीं थी।
बाद में CJI सूर्यकांत ने क्या सफाई दी?
विवाद बढ़ने के बाद सूर्यकांत ने कहा कि उनकी oral observations को मीडिया और सोशल मीडिया पर गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने साफ किया कि उनका सम्मान देश के युवाओं के प्रति हमेशा रहा है और वे युवाओं को विकसित भारत की ताकत मानते हैं।
उनका कहना था कि टिप्पणी उन लोगों के खिलाफ थी जो bogus या fake degrees के जरिए सिस्टम में आते हैं।
“Do you identify yourself as a cockroach?” सवाल क्यों ट्रेंड कर रहा है?
यह सवाल सोशल मीडिया पर व्यंग्य, गुस्से और बहस के रूप में इस्तेमाल होने लगा। कई लोग इसे लोकतंत्र, बेरोजगारी और सिस्टम की आलोचना से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि बयान का संदर्भ समझे बिना केवल एक शब्द को वायरल कर दिया गया।
असल में यह सवाल अब सिर्फ एक लाइन नहीं रहा, बल्कि यह भारत में युवाओं, बेरोजगारी, एक्टिविज्म और अभिव्यक्ति की आजादी पर चल रही बहस का हिस्सा बन चुका है।
आम लोगों की प्रतिक्रिया कैसी रही?
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया दो हिस्सों में बंटी दिखी:
1. आलोचना करने वाले लोग
- उनका कहना था कि देश के बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से करना गलत है।
- कई लोगों ने इसे संवेदनहीन टिप्पणी बताया।
- कुछ एक्टिविस्ट और पत्रकारों ने इसे लोकतांत्रिक आवाजों पर हमला कहा।
2. समर्थन करने वाले लोग
- कुछ लोगों ने कहा कि बयान को context से बाहर निकालकर वायरल किया गया।
- उनका मानना था कि CJI का इशारा fake degree holders और सिस्टम का गलत फायदा उठाने वालों की ओर था।
- समर्थकों ने कहा कि पूरी बात सुने बिना निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।
सोशल मीडिया पर यह मुद्दा इतना बड़ा क्यों बना?
आज के समय में कोई भी controversial बयान कुछ ही मिनटों में वायरल हो जाता है। खासकर जब मामला judiciary, बेरोजगारी, मीडिया या activism से जुड़ा हो, तो लोग जल्दी react करते हैं।
इस मुद्दे के वायरल होने के पीछे तीन बड़ी वजहें रहीं:
- “Cockroach” जैसा शब्द भावनात्मक प्रतिक्रिया पैदा करता है।
- बेरोजगारी पहले से ही एक बड़ा सामाजिक मुद्दा है।
- सोशल मीडिया पर छोटे clips और quotes तेजी से फैलते हैं।
क्या इस बयान को शाब्दिक रूप से लेना चाहिए?
नहीं। किसी भी judicial observation या oral remark को हमेशा पूरे context में समझना जरूरी होता है। अदालत में कही गई कई बातें चर्चा का हिस्सा होती हैं, जिन्हें बाद में clarify भी किया जाता है।
इसलिए केवल एक शब्द पकड़कर पूरी मंशा तय करना हमेशा सही नहीं माना जाता।
निष्कर्ष
“Do you identify yourself as a cockroach as defined by the hon’ble CJI?” केवल एक वायरल सवाल नहीं है, बल्कि यह उस बहस का हिस्सा बन चुका है जिसमें बेरोजगारी, सिस्टम की आलोचना, मीडिया की भूमिका और न्यायपालिका की टिप्पणियाँ सब शामिल हैं।
सूर्यकांत की टिप्पणी को लेकर विवाद जरूर हुआ, लेकिन बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका निशाना देश के युवा नहीं थे। इसलिए इस पूरे मामले को समझने के लिए जरूरी है कि बयान को उसके पूरे संदर्भ में देखा जाए, न कि सिर्फ एक वायरल लाइन के आधार पर।
FAQs
क्या CJI सूर्यकांत ने युवाओं को “कॉकरोच” कहा था?
रिपोर्टों के अनुसार सुनवाई के दौरान “cockroach” शब्द इस्तेमाल हुआ था, लेकिन बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा fake degree वाले लोगों की तरफ था, न कि सभी युवाओं की तरफ।
क्या यह बयान आधिकारिक लिखित आदेश का हिस्सा था?
नहीं, यह कथित तौर पर अदालत में की गई oral observation थी।
विवाद क्यों हुआ?
कई लोगों ने इसे बेरोजगार युवाओं और एक्टिविस्ट्स का अपमान माना, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि बयान को context से हटाकर पेश किया गया।
CJI ने बाद में क्या clarification दिया?
उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी भारतीय युवाओं के खिलाफ नहीं थी और मीडिया ने उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया।

Shubham Kumar currently works in a government position at the block level in his district, where he actively contributes to the administration and public service delivery. Alongside his official duties, he is also a passionate blogger with a deep interest in sharing reliable and up-to-date information on jobs, education, scholarships, and government schemes. His mission is to empower his readers with accurate knowledge, enabling them to make informed decisions, achieve their goals, and lead meaningful lives.









