अगर आप या आपके बच्चे कक्षा 9 में पढ़ाई कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने 2025 से कक्षा 9 के छात्रों के लिए कुछ नए नियम लागू कर दिए हैं, जिनका सीधा असर 10वीं बोर्ड परीक्षा पर पड़ेगा। अब सिर्फ स्कूल जाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि 9वीं की सालाना परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है।
इतना ही नहीं, पहले की तरह 75% अटेंडेंस की शर्त अब हटा दी गई है। यानी यूनिफॉर्म, साइकिल या छात्रवृत्ति जैसी सरकारी सुविधाएं अब सभी को मिलेंगी, चाहे उपस्थिति कम हो या ज़्यादा। लेकिन परीक्षा पास करना अब ज़रूरी बना दिया गया है, वरना अगली कक्षा में प्रमोशन नहीं मिलेगा।
1. अब Class 9 की परीक्षा में पास होना जरूरी
बिहार बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि अब 9वीं क्लास की सालाना परीक्षा में पास होना जरूरी है। अगर कोई छात्र परीक्षा में फेल हो जाता है या बिना कारण अनुपस्थित रहता है, तो वह 10वीं की बोर्ड परीक्षा में नहीं बैठ सकेगा। यह नियम सभी स्कूलों में समान रूप से लागू होगा – चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट।
2. 75% उपस्थिति की अनिवार्यता खत्म
पहले यह शर्त थी कि छात्रों को यूनिफॉर्म, किताब, बैग, साइकिल आदि जैसी योजनाओं का लाभ लेने के लिए कम से कम 75% उपस्थिति होनी चाहिए। लेकिन अब यह शर्त हटा दी गई है। सरकार ने फैसला लिया है कि अब योजनाओं का लाभ सीधे छात्रों को मिलेगा, चाहे उपस्थिति प्रतिशत कम ही क्यों न हो।
3. हेल्थ एंड वेलनेस क्लास अब अनिवार्य
बिहार सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों में Health and Wellness क्लास को अनिवार्य कर दिया है। अब हर स्कूल में मासिक स्तर पर छात्रों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी दी जाएगी और इसका मूल्यांकन भी होगा। शिक्षकों की जवाबदेही भी तय की जाएगी कि वे इन कक्षाओं को नियमित रूप से लें।
4. परीक्षा में देरी से पहुंचे तो 2 साल तक प्रतिबंध
बिहार बोर्ड ने परीक्षाओं के लिए टाइमिंग को लेकर भी सख्त नियम लागू किए हैं। पहली पाली की परीक्षा के लिए सुबह 9:00 बजे और दूसरी पाली के लिए दोपहर 1:30 बजे तक ही छात्रों को एंट्री मिलेगी। इसके बाद प्रवेश नहीं दिया जाएगा, और दोबारा गलती करने पर दो साल तक परीक्षा देने से भी रोका जा सकता है।
5. ड्रेस कोड में सर्दियों को देखते हुए राहत
Class 12 के छात्रों को ठंड को ध्यान में रखते हुए गर्म कपड़े, जुराबें और टोपी पहनने की अनुमति दी गई है। हालांकि Class 9 और 10 में अब भी शूज और सॉक्स पहनने की मनाही है, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सके।
निष्कर्ष
बिहार बोर्ड के ये नए नियम छात्रों की पढ़ाई में गंभीरता लाने के लिए लागू किए गए हैं। अगर आप Class 9 में हैं, तो अब से परीक्षा को हल्के में लेना ठीक नहीं होगा। साथ ही योजनाओं के लाभ अब सभी को मिलेंगे, जिससे बच्चों की पढ़ाई और आसान होगी।
इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा Class 10 की बोर्ड परीक्षा में अच्छे से बैठे और उसे कोई रुकावट न हो, तो अभी से 9वीं की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देना शुरू कर दीजिए।
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